हर बूंद बारिश की एक आहट ले के आती है
एक बार यूँ ही प्यार की बारिश में तुमने मुझे भिगोया था
तब विश्वास दिलाया था की मुझे समझते हो, मेरे जज़्बात समझते हो
और आज जब फिर वी बारिश आई तो तुम कहते हो यूँ भीगना अच्छा नहीं?
की युँ भीगती हुई मैं अच्छी नहीं......
इस बरसात ने मेरे रगों को छु कर कहा....अब वो प्यार नही रहा......न तुम ही वो रहे...न हम ही वो रहे...........
एक बार यूँ ही प्यार की बारिश में तुमने मुझे भिगोया था
तब विश्वास दिलाया था की मुझे समझते हो, मेरे जज़्बात समझते हो
और आज जब फिर वी बारिश आई तो तुम कहते हो यूँ भीगना अच्छा नहीं?
की युँ भीगती हुई मैं अच्छी नहीं......
इस बरसात ने मेरे रगों को छु कर कहा....अब वो प्यार नही रहा......न तुम ही वो रहे...न हम ही वो रहे...........