कभी मेरे आस पास भी आ कभी मुझमें खुद को समा ज़रा.....
मैं तेरे ही अकस में दरीफता.........कभी आह को सुन ले ज़रा..............
मैं हॅुं सुबहो-शाम तेरे रु-ब-रु......तु कहीं न हो तो मैं हॅुं कहां...
यॅुं ही मेरे रहा करे....मेरे दिल की है यही आरज़ु.........................................
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